RAJKOT VGRC 2026 में MSME हेतु NPS जागरूकता अभियान
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राजकोट में आयोजित वीजीआरसी 2026 में पीएफआरडीए ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए एनपीएस को सामाजिक सुरक्षा के प्रभावी समाधान के रूप में प्रस्तुत किया।
सम्मेलन में बताया गया कि एनपीएस एमएसएमई कर्मचारियों को सस्ता, लचीला और कर-कुशल पेंशन विकल्प प्रदान करता है, जिसमें न्यूनतम कर्मचारी सीमा नहीं है।
Rajkot/ पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने कार्यान्वयन साझेदार पीडब्ल्यूसी के सहयोग से राजकोट में आयोजित द्वितीय वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) 2026 के दौरान सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) पर केंद्रित जागरूकता सत्रों का आयोजन किया। यह सम्मेलन 11 और 12 जनवरी 2026 को आयोजित हुआ, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया।
वीजीआरसी कार्यक्रम, लोकप्रिय वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (वीजीजीएस) श्रृंखला का क्षेत्रीय संस्करण है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी। यह मंच व्यापार सहयोग, निवेश, नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तर पर पहचान बना चुका है। विकसित भारत @2047 और विकसित गुजरात @2047 के विजन के अनुरूप, ऐसे क्षेत्रीय सम्मेलन राज्य की औद्योगिक क्षमता को उजागर करने और जमीनी स्तर पर आर्थिक विकास को गति देने का कार्य कर रहे हैं।
सम्मेलन के दूसरे दिन 12 जनवरी 2026 को आयोजित क्षेत्रीय एमएसएमई सम्मेलन में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल, गुजरात सरकार के मंत्री श्री जीतूभाई सावजीभाई वाघानी और मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार डॉ. हसमुख अधिया ने भाग लिया। वक्ताओं ने एमएसएमई क्षेत्र को भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए इसके सतत विकास के लिए सरकारी प्रतिबद्धता दोहराई।
पीएफआरडीए की कार्यकारी निदेशक सुश्री ममता रोहित ने एमएसएमई हितधारकों को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्ति योजना की बढ़ती आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत में वृद्धजनों की आबादी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन वर्तमान में केवल 29 प्रतिशत बुजुर्गों को ही किसी न किसी प्रकार की पेंशन सुविधा प्राप्त है। समय रहते पेंशन कवरेज नहीं बढ़ाया गया तो भविष्य में आर्थिक असुरक्षा एक बड़ी सामाजिक चुनौती बन सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि देशभर में एमएसएमई क्षेत्र में 32 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं, जिससे यह कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता बनता है। अकेले गुजरात में 230 से अधिक जीआईडीसी औद्योगिक क्षेत्रों और 186 एमएसएमई क्लस्टरों में लगभग 42 लाख पंजीकृत एमएसएमई सक्रिय हैं। ऐसे में कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
सुश्री रोहित ने एनपीएस को एमएसएमई के लिए एक सस्ता, लचीला, कर-कुशल और पूरी तरह पोर्टेबल सेवानिवृत्ति समाधान बताया। एनपीएस में कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या की कोई बाध्यता नहीं है और न ही यह किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित है। जनवरी 2026 तक एनपीएस और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत 9.28 करोड़ से अधिक ग्राहक जुड़े हुए हैं, जिनकी कुल प्रबंधित संपत्ति 16.53 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
हालिया सुधारों में इक्विटी निवेश सीमा में वृद्धि, निकासी नियमों में अधिक लचीलापन, अधिकतम खाता रखने की आयु 85 वर्ष तक बढ़ाना और एनपीएस वात्सल्य योजना की शुरुआत शामिल है। उन्होंने कहा कि एनपीएस केवल पेंशन उत्पाद नहीं, बल्कि भारत के कार्यबल के लिए सम्मान, स्थिरता और सुरक्षा का वादा है।
इस सम्मेलन में टीसीएस कोरिया के सीईओ श्री रमेश अय्यर, बालाजी वेफर्स के चेयरमैन श्री चंदूभाई विरानी, मिट्टीकूल के पद्म श्री सम्मानित श्री मनसुखभाई प्रजापति सहित कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए।
उद्यमी मेले के हॉल नंबर 1 में लगाए गए पीएफआरडीए स्टॉल के माध्यम से एनपीएस, नामांकन प्रक्रिया और एमएसएमई कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी प्रदान की गई, जिससे उद्यमियों और कर्मचारियों में पेंशन जागरूकता को नया बल मिला।